हम दोनों ही तो हैं पागल, लेकिन एक-दूसरे के बिना,
जिगरी दोस्त हूँ, सच्ची यारी से सजता हूँ,
“तेरी हँसी मेरी पहचान है, तेरी दोस्ती मेरा अरमान हैं।”
“दोस्ती में ना कोई फ़ासला, ना कोई दूरी का ग़म।”
दोस्ती में सच्चाई हो तो कोई दूरी मायने नहीं रखती,
“जब भी तनहा महसूस हुआ, तेरी याद ने साथ दिया।”
कभी जिसको दिल से चाहा था, अब वो दूर हो जाता।
दिल नहीं देखे जाते, बस फायदा ताका जाता है।
दोस्ती वो रिश्ता है जो ख़ून की नहीं, दिल की रगों से जुड़ता है। यहाँ पाएँगे दोस्ती शायरी का ऐसा ख़ज़ाना जो बचपन की शरारतों से लेकर जवानी की ठिठोली तक हर लम्हे को लफ़्ज़ों में बाँध दे। हर शे’र में होगा अपनापन, वफ़ादारी और उन यादों की मिठास जो ताउम्र दिल को गर्म रखती हैं।
तेरा साथ मिले तो हर फिक्र दूर हो जाती है,
जिसे हम दोस्त समझते थे, वही अब अजनबी सा लगता है,
“तेरी बातों में जो सुकून है, वो कहीं और कहाँ Dosti Shayari मिलेगा।”
क्योंकि हमारी यारी में कभी दूरी नहीं है।
दोस्त वही रहता है जो वक़्त में भी साथ निभाए।